
15 जून 2025 को हुए केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मृत्यु हो गई। जिसमे एक 2 साल की बच्ची भी शामिल है इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने सभी हेलीकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक रोकने का निर्णय लिया।
🚁 हादसे के बाद सरकार की सख्त कार्रवाई
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित शासकीय आवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश:
📌 हेलीकॉप्टर सेवाओं पर अस्थायी रोक:
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सोमवार तक चारधाम यात्रा में सभी हेली सेवाएं पूर्ण रूप से बंद रहेंगी।
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सेवाएं तभी शुरू होंगी जब:
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सभी ऑपरेटरों के साथ बैठक हो जाए
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पायलटों के उच्च हिमालयी उड़ान अनुभवों की समीक्षा और सत्यापन हो जाए
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🛫 पायलटों और ऑपरेटरों की जांच:
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सभी हेली ऑपरेटर कंपनियों की पृष्ठभूमि और सुरक्षा मानकों की समीक्षा होगी
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पायलटों के हाई एल्टीट्यूड फ्लाइंग अनुभव की जांच अनिवार्य की गई
🛰️ नई सुरक्षा प्रणाली और SOP की घोषणा
सरकार ने निर्देश दिए कि:
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कॉमन कमांड एवं कोऑर्डिनेशन सेंटर देहरादून में स्थापित किया जाए, जिसमें ये विभाग शामिल हों:
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DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय)
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उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
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सिविल एविएशन
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यूकाडा (UCADA)
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सभी हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनियाँ
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👉 यह सेंटर हेलीकॉप्टर संचालन का रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और समन्वय करेगा
🔍 उच्च स्तरीय जांच के आदेश
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रुद्रप्रयाग जिले में हुए हादसे की गहन जांच का आदेश
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जहां कहीं लापरवाही पाई जाएगी, वहां दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
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दुर्घटना में मारे गए लोगों के पार्थिव शरीरों को उनके राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी गई
🙏 श्रद्धालुओं की चिंता और सावधानी
हेली सेवा बंद होने से:
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बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु काफी प्रभावित हुए हैं
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वैकल्पिक साधनों जैसे पालकी, डंडी, पिट्ठू की मांग बढ़ी
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सोशल मीडिया पर सुरक्षा के प्रति चेतना और सरकार के फैसले को समर्थन मिला