अमरनाथ यात्रा 2025 हेलीकॉप्टर सेवा बंद – जानिए पूरा सच

श्री अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है जो हर श्रद्धालु को जाननी चाहिए। सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस वर्ष यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।

क्या है सरकारी आदेश?

दिनांक 16 जून 2025 को जारी सरकारी आदेश क्रमांक 316-HOME (ISA) के अनुसार, 1 जुलाई से 10 अगस्त 2025 तक पहल्गाम और बालटाल दोनों मार्गों को ‘नो फ्लाइंग ज़ोन’ घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इस अवधि में किसी भी प्रकार की हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं होगी।

अब कैसे करें अमरनाथ गुफा तक की यात्रा?

अगर आप इस वर्ष बाबा बर्फानी के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि:

  • अब यात्रा पैदल मार्ग, खच्चरों या पालकी सेवा के माध्यम से ही करनी होगी।

  • सभी श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी योजना में इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए तैयारियाँ करें।

सरकार का उद्देश्य क्या है?

सरकार ने यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, और स्थानीय व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। यह निर्णय इस बार यात्रा को और अधिक व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है।


निष्कर्ष:

अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर यह एक बड़ा बदलाव है। यदि आप इस पावन यात्रा में सम्मिलित होना चाहते हैं, तो हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने की जानकारी को ध्यान में रखते हुए समय पर रजिस्ट्रेशन करें, अपनी शारीरिक तैयारी करें, और आवश्यक मेडिकल सर्टिफिकेट (CHC) आदि की व्यवस्था भी कर लें।

अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र कैसे बनायें,How to make medical certificate for Amarnath Yatra 2025,

अमरनाथ यात्रा 2025 भगवान शिव के भक्तों के लिए एक पावन अवसर है। लेकिन इस कठिन और ऊँचाई वाली यात्रा के लिए एक विशेष दस्तावेज की आवश्यकता होती है – मेडिकल सर्टिफिकेट या Compulsory Health Certificate (CHC)। यह प्रमाण पत्र यह सुनिश्चित करता है कि यात्री इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के लिए शारीरिक रूप से सक्षम है।

इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अमरनाथ यात्रा के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं, कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए, किन अस्पतालों में यह सर्टिफिकेट बनता है, और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


मेडिकल सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?

अमरनाथ यात्रा एक कठिन और उच्च हिमालयी तीर्थ यात्रा है, जो समुद्र तल से लगभग 12,756 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। इस ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी और मौसम की अनिश्चितता के कारण ट्रैकिंग काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र (Compulsory Health Certificate – CHC) को अनिवार्य कर दिया है


मेडिकल सर्टिफिकेट कहां से बनवाएं?

आप केवल उन्हीं अस्पतालों या स्वास्थ्य केंद्रों से मेडिकल सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं जो SASB द्वारा अधिकृत हैं। हर साल श्राइन बोर्ड एक लिस्ट जारी करता है जिसमें सभी अधिकृत अस्पतालों और डॉक्टरों की जानकारी होती है। इस साल की लिस्ट भी जारी हो चुकी है  चैक करने के लिए आपको https://jksasb.nic.in/  वेबसाइट पर जाना होगा ऑफिसियल वेबसाइट में जाकर निचे स्क्रॉल करने पर

यहाँ पर आपको सभी राज्यों में अधिकृत अस्पताल और डॉक्टर की लिस्ट मिल जाएगी और कौन से बैंक में ऑफ़ लाइन यात्रा परमिट बनेगा यह भी यहीं मिलेगा। अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकते है

हॉस्टपिटल में जाकर 2 रूपये या 5 रूपये की पर्ची बनेगी और उसमे आपको कुछ टेस्ट करवाने होंगे  CBC, LFT, KFT जैसे 5-6 टेस्ट हो सकते है उनकी रिपोर्ट आने के बाद आपको उस अस्पताल का अधिकृत डॉक्टर आपको मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर देगा

कुछ प्रमुख जगहें:

  • सरकारी जिला अस्पताल

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)

  • नगर निगम स्वास्थ्य केंद्र

  • SASB द्वारा नामित निजी क्लीनिक


मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज़:

  1. आधार कार्ड / पहचान पत्र

  2. पासपोर्ट साइज फोटो (2-3)

  3. पहले से भरी गई CHC फॉर्म की प्रति (जो आप श्री अमरनाथ यात्रा वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं)

  4. यात्रा परमिट की कॉपी (यदि उपलब्ध हो)


मेडिकल सर्टिफिकेट की वैधता

अमरनाथ यात्रा के लिए बना मेडिकल सर्टिफिकेट यात्रा प्रारंभ तिथि से अधिकतम 6 सप्ताह पहले का होना चाहिए। यानी अगर आपकी यात्रा जुलाई में है, तो मई के आखिरी हफ्ते से पहले सर्टिफिकेट बनवाना सही नहीं होगा।


📌 कुछ जरूरी बातें:

  • कोई भी फर्जी सर्टिफिकेट या बिना जांच के लिया गया मेडिकल प्रमाणपत्र अमान्य होगा।

  • SASB द्वारा जारी की गई CHC फॉर्मेट का ही प्रयोग करें।

  • सर्टिफिकेट यात्रा परमिट के साथ ले जाना अनिवार्य है।

  • यदि किसी यात्री को ऊँचाई पर सांस लेने में दिक्कत, दिल की बीमारी या गंभीर शारीरिक समस्या है, तो वह यात्रा के लिए अनुपयुक्त घोषित किया जा सकता है।


📥 CHC फॉर्म कहां से डाउनलोड करें?

आप CHC फॉर्म https://jksasb.nic.in से डाउनलोड कर सकते हैं। यह फॉर्म डॉक्टर द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।


सुझाव

अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना न सिर्फ एक प्रक्रिया है, बल्कि आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम भी है।

यह सुनिश्चित करता है कि आप ऊँचाई और ठंडे वातावरण में होने वाली कठिनाइयों को सह सकें। यात्रा से पहले मेडिकल चेकअप अवश्य कराएं और केवल SASB द्वारा अधिकृत केंद्रों से ही प्रमाणपत्र बनवाएं।

अमरनाथ यात्रा गाइड 2025: पैदल यात्रा की पूरी जानकारी हिंदी में

अमरनाथ यात्रा 2025 इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी। यह पवित्र यात्रा भगवान शिव के बर्फानी रूप के दर्शन का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है।

हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पावन गुफा के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर की ऊँचाईयों में यात्रा करते हैं। यदि आप भी इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं,

तो समय रहते रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं और यात्रा से जुड़ी गाइडलाइन का पालन करें।


📝 रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:

  1. ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएंwww.shriamarnathjishrine.com

  2. ऑनलाइन फॉर्म भरें

  3. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें

    • पासपोर्ट साइज फोटो

    • ID प्रूफ (आधार/पैन कार्ड)

    • Compulsory Health Certificate (CHC)

  4. रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान करें

  5. यात्रा परमिट डाउनलोड करें और प्रिंट रखें

अमरनाथ यात्रा में रजिस्ट्रेशन के बाद क्या करें ?

अमरनाथ यात्रा 2025 में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद यात्रियों को सबसे पहले ट्रैवल परमिट का प्रिंट आउट लेना अनिवार्य होता है। यात्रा वाले दिन जब आप जम्मू पहुंचते हैं,

तो यही परमिट दिखाकर आपको RID कार्ड (यात्रा पहचान पत्र) जारी किया जाता है। यह कार्ड बेहद महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसके बिना आप जम्मू से आगे की यात्रा शुरू नहीं कर सकते।

यात्रा पूरी होने के बाद इस RID कार्ड को जम्मू लौटकर साइन बोर्ड पर वापस करना होता है, इसलिए इसे पूरे सफर में सुरक्षित रखना जरूरी है।

अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू कैसे पहुँचें?

  • अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुँचना बेहद आसान है, क्योंकि यह शहर भारत के लगभग हर कोने से ट्रेन के माध्यम से जुड़ा हुआ है। आप हवाई मार्ग से भी जम्मू एयरपोर्ट या सीधे श्रीनगर एयरपोर्ट तक पहुँच सकते हैं।लेकिन अगर आप अमरनाथ यात्रा पैदल करना चाहते हैं,

तो बेहतर होगा कि आप जम्मू से धीरे-धीरे आगे बढ़ें ऐसा करने से आपके शरीर को ऊँचाई के अनुसार खुद को ढालने (acclimatize) का समय मिलेगा और आप ऊँचाई पर होने वाली समस्याओं से बच सकेंगे। सुरक्षित और सफल यात्रा के लिए यह तरीका सबसे उपयुक्त माना जाता है।

 

  • अमरनाथ यात्रा में जम्मू से आगे की तैयारी: ठहराव, और बस सेवा जम्मू पहुंचने के बाद आपको यात्रा परमिट और आधार कार्ड दिखाकर RID कार्ड बनवाना होता है, जिसके बाद आप वहां रात रुक सकते हैं। ठहरने के लिए भगवती नगर में श्राइन बोर्ड द्वारा डॉरमेट्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं,

जिनका किराया सिर्फ ₹150 से ₹200 के बीच है।  अगली सुबह 4:00 बजे से 7:00 बजे तक यात्री निवास से बसें चलती हैं, जो आपको लगभग 12–13 घंटे में पहलगाम या बालटाल पहुँचा देती हैं, जहाँ से असली यात्रा शुरू होती है।

 

  • अमरनाथ यात्रा के दौरान भोजन अमरनाथ यात्रा के दौरान भोजन की सुबिधा फ्री लंगर के माध्यम से होती है जम्मू से लेकर बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक जगह जगह फ्री लंगर सेवा उपलब्ध है 

1. पहलगाम से अमरनाथ जी (लगभग 32 KM)

जम्मू से पहलगाम की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है,
जिसे तय करने में बस से करीब 8 से 9 घंटे का समय
लगता है और किराया लगभग ₹600 होता है। पहले दिन
की यात्रा के बाद आप शाम तक पहलगाम बेस कैंप पहुंच जाते हैं,

जहाँ रुकने के लिए टेंट उपलब्ध होते हैं जिनका किराया लगभग ₹300 से ₹400 प्रति व्यक्ति होता है। । अगली सुबह आपको शेयरिंग टैक्सी से चंदनवाड़ी जाना होता है,

अमरनाथ यात्रा में चंदनवाड़ी से शेषनाग तक की ट्रैकिंग का पहला पड़ाव

चंदनवाड़ी से अमरनाथ यात्रा की असली ट्रैकिंग शुरू होती है, जहाँ से शेषनाग तक का सफर लगभग 12 किलोमीटर पैदल तय करना होता है। यह रास्ता प्राकृतिक सुंदरता और कठिनाई दोनों का अनोखा संगम है।

शेषनाग पहुंचने पर श्रद्धालुओं के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था टेंटों में की जाती है, जिनका किराया लगभग ₹400 से ₹500 प्रति व्यक्ति होता है। भोजन के लिए यहां मुफ्त लंगर की सुविधा भी मौजूद है,

  • शेषनाग से बाबा बर्फानी तक: आस्था, साहस और सुंदरता का संगम अमरनाथ यात्रा का सबसे रोमांचक चरण शेषनाग से पंचतरणी की लगभग 14 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा से शुरू होता है। पंचतरणी पहुँचने के बाद आप वहां थोड़ा विश्राम और भोजन करके, सीधे बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की ओर बढ़ते हैं,

जो वहां से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गुफा में पहुँचते ही बाबा बर्फानी के प्राकृतिक बर्फ से बने शिवलिंग के दर्शन होते हैं, जो हर श्रद्धालु के लिए जीवन का एक दिव्य अनुभव होता है। दर्शन के बाद आप फिर से पंचतरणी लौटकर रात्रि विश्राम करते हैं।

अगले दिन आप अपनी सुविधा अनुसार पहलगाम या बालटाल रूट से यात्रा समाप्त कर सकते हैं। यह चरण न केवल कठिन होता है, बल्कि भक्तिभाव से भरा और आत्मिक रूप से बेहद शांति देने वाला होता है।

2. बालटाल रूट से अमरनाथ यात्रा:  तेज, कठिन लेकिन समय बचाने वाला मार्ग

अमरनाथ यात्रा का दूसरा लोकप्रिय मार्ग जम्मू से बालटाल होता है, जो तेज़ और कम समय में दर्शन करने वालों के लिए उपयुक्त है। जम्मू के भगवती नगर से बालटाल की दूरी लगभग 360 किलोमीटर है,

जिसे बस से तय करने में 12 से 13 घंटे का समय लगता है। बस का किराया करीब ₹800 से ₹900 होता है। शाम तक बालटाल बेस कैंप पहुंचने के बाद वहां रात्रि विश्राम के लिए टेंट उपलब्ध होते हैं, जिनका किराया ₹400 से ₹500 प्रति व्यक्ति के बीच होता है।

  • बालटाल से अमरनाथ जी तक ट्रैकिंग (14km) रात्रिविश्राम बालटाल बेसकैंप पर करने के बाद अगले दिन सुबह पैदल यात्रा की शुरुआत करें । बालटाल से अमरनाथ गुफा की दूरी 14 किलोमीटर है, जो कठिन चढ़ाई और संकरे रास्तों से भरी होती है।

यह रूट उन्हीं यात्रियों के लिए बेहतर है जो शारीरिक रूप से फिट हैं और समय की कमी के कारण एक ही दिन में गुफा के दर्शन कर वापस बालटाल लौटना चाहते हैं। रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन जो तीव्रता से दर्शन करना चाहते हैं उनके लिए यह मार्ग एक बेहतर विकल्प है।


🧳 यात्रा में साथ ले जाने वाली जरूरी चीज़ें

गर्म कपड़े, रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते,मेडिकेशन किट,पहचान पत्र और यात्रा परमिट की कॉपी,टॉर्च, ग्लव्स, सनस्क्रीम,सूखा भोजन और पानी की बोतल


🛕 आस्था और सुरक्षा दोनों ज़रूरी

ऊँचाई ज़्यादा होने के कारण ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, इसलिए CHC (स्वास्थ्य प्रमाण पत्र) जरूरी है।

किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।

यात्रा के दौरान बेस कैंप पर मेडिकल सुविधा, पुलिस सहायता और हेल्पलाइन उपलब्ध होती है।


🙏 अमरनाथ यात्रा के नियम

13 से 70 वर्ष की आयु के लोग ही यात्रा कर सकते हैं।

गर्भवती महिलाएं और 6 सप्ताह से छोटे शिशु यात्रा के योग्य नहीं माने जाते।

यात्रा परमिट के बिना किसी को अनुमति नहीं दी जाती।


📌 महत्वपूर्ण सुझाव

समूह में यात्रा करें

पर्यावरण का ध्यान रखें – प्लास्टिक का उपयोग न करें

भक्ति के साथ-साथ सावधानी भी रखें

मौसम की जानकारी लेते रहें


🚩 हर हर महादेव! जय बाबा बर्फानी!


अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन 2025, Amarnath Yatra Registration 2025

📄 अमरनाथ यात्रा 2025 से पहले ध्यान रखने योग्य जरूरी बातें

अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए पंजीकरण से पहले कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले, मेडिकल सर्टिफिकेट आपके राज्य के किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर या अस्पताल से जारी होना चाहिए। रजिस्ट्रेशन के समय इसे केवल PDF फॉर्मेट में अपलोड करें, जिसकी फाइल साइज 1MB से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, फोटो फाइल केवल JPEG या JPG फॉर्मेट में होनी चाहिए और उसका आकार भी 1MB से कम होना चाहिए।

यात्रा के लिए केवल 13 वर्ष से ऊपर और 70 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति ही पात्र हैं। इसके अलावा, 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाएं यात्रा नहीं कर सकतीं। यात्रा के दौरान अपने साथ मूल फोटो आईडी और मेडिकल सर्टिफिकेट अवश्य रखें, क्योंकि यह चेकिंग के समय आवश्यक होता है। इन नियमों का पालन करके आप अमरनाथ यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा से बच सकते हैं।

✍️ अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन 2025  

Amarnath Yatra Registration 2025 की शुरुआत 14 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। अगर आप अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रशन 2025 में करना चाहते है तो आप ऑनलाइन और ऑफ़ लाइन रजिस्ट्रेशन  कर सकते है अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन दो माध्यमों से किया जा सकता है:

🧘 यात्रा मार्ग

  1. पहलगाम रूट (32 KM) – पारंपरिक और लंबा मार्ग

  2. बालटाल रूट (14 KM) – छोटा लेकिन कठिन मार्ग

आप रजिस्ट्रेशन करते समय रूट का चयन कर सकते हैं।

1. ऑनलाइन पंजीकरण

  • आधिकारिक वेबसाइट: https://www.shriamarnathjishrine.com

  • वेबसाइट पर जाकर ‘Yatra permit Registration’ लिंक पर क्लिक करें

सबसे पहले यात्रा फॉर्म सावधानीपूर्वक भरें, फिर मांगे गए दस्तावेज़ जैसे कि कमपल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) और पासपोर्ट साइज फोटो को निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें। इसके बाद, तय पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। जब रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाए, तो आप यात्रा परमिट डाउनलोड कर सकते हैं, जो यात्रा के दौरान आपकी पहचान और अनुमति का प्रमाण होता है। ध्यान रखें, बिना यात्रा परमिट के अमरनाथ यात्रा में भाग लेना संभव नहीं है।

2. ऑफ लाइन पंजीकरण

  • देश में किसी भी Punjab National Bank, Yes Bank, Jammu & Kashmir Bank आदि में जरुरी दस्तावेज लेजाकर पंजीकरण किया जा सकता है।

  • मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ फॉर्म जमा करना अनिवार्य है


📄 जरूरी दस्तावेज

  1. वैध पहचान पत्र (Aadhaar/Passport/Voter ID)

  2. पासपोर्ट साइज फोटो

  3. Compulsory Health Certificate (CHC) – अधिकृत डॉक्टर/अस्पताल से अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन के लिए अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा अधिकृत अस्पताल से ही जरुरी हेल्थ सर्टिफिकेट बनवाना पड़ेगा । ज्यादातर देश के जिला अस्पताल अधिकृत है फिर भी आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय चेक कर सकते है

  4. यात्रा शुल्क रसीद  जब आप यात्रा करेंगे उस समय यात्रा शुल्क रसीद भी आपको साथ में रखनी है अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन शुल्क 2025 में 220 रूपये है

रजिस्ट्रेशन के बाद क्या करें 

अमरनाथ यात्रा 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद, यात्रियों को अपनी रजिस्ट्रेशन स्लिप और आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य है। जब आप जम्मू पहुंचते हैं, तो इन दस्तावेजों को दिखाकर आपको एक RFID कार्ड (Radio Frequency Identification Card) प्राप्त होता है। यह कार्ड यात्रा के दौरान आपकी पहचान और सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। बिना RFID कार्ड के अमरनाथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जाती। यह सिस्टम यात्रा की निगरानी और भीड़ नियंत्रण के लिए शुरू किया गया है। इसलिए, कृपया यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन स्लिप और आधार कार्ड की एक प्रति साथ जरूर रखें।



🚨 महत्वपूर्ण निर्देश

  • रजिस्ट्रेशन के बिना यात्रा की अनुमति नहीं है

  • 13 से 70 वर्ष के बीच की उम्र वालों को ही अनुमति मिलती है

  • स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य है

  • यात्रा के दौरान मोबाइल नेटवर्क सीमित होता है, सावधानीपूर्वक तैयारी करें


🔔 निष्कर्ष

अगर आप अमरनाथ यात्रा 2025 में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले और सबसे जरूरी कदम है – समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना। क्योंकि अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की संख्या सीमित होती है और हर साल लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेने के लिए आवेदन करते हैं। इसलिए जैसे ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो, आपको बिना देर किए अपनी यात्रा तिथि के अनुसार पंजीकरण करा लेना चाहिए। रजिस्ट्रेशन के बाद ही आप यात्रा की बाकी तैयारियों जैसे ट्रैन की टिकट बुक करना आदि ।